डीडब्ल्यू के अनुसार अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से औपचारिक रूप से अलग होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह कदम 2025 में किए गए निर्णय के एक साल बाद प्रभावी हुआ। रिपोर्ट में फंडिंग रोकने, कथित बकाया राशि और WHO पर वित्तीय दबाव जैसे मुद्दे सामने आते हैं।
डीडब्ल्यू रिपोर्ट के मुताबिक़ दावोस में आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) श्रम बाजार में बड़ी उथल-पुथल ला सकता है। रिपोर्ट में आईएमएफ रिसर्च का हवाला देते हुए बताया गया है कि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में बड़ी संख्या में नौकरियां एआई से प्रभावित हो सकती हैं।
यूजीसी से जुड़े विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बयान की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री ने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और भरोसा दिलाया।
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच 27 जनवरी 2026 को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर समझौते पर मुहर लगने की रिपोर्ट सामने आई है। इसे दोनों पक्षों के आर्थिक रिश्तों के लिए बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
अमेरिका में कड़ाके की ठंड और शीतकालीन तूफान ने कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं। खबर के मुताबिक बर्फबारी और बेहद कम तापमान के बीच मौतों की संख्या बढ़ने की बात कही गई है।
26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान की रक्षा पर जोर दिया। राहुल गांधी ने संविधान को नागरिक अधिकारों की ‘ढाल’ बताया, जबकि पार्टी नेतृत्व ने इस दिन को केवल परेड-भाषण नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के पालन की कसौटी बताया।
26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी ने भारत-ईयू साझेदारी को नया महत्व दिया। परेड में रक्षा-सामर्थ्य और सांस्कृतिक झांकियों के जरिए भारत ने वैश्विक मंच को भी संदेश दिया।
गणतंत्र दिवस 2026 पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर कड़ा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए, 3,000 से ज्यादा CCTV कैमरों की मदद से निगरानी हुई और AI आधारित सिस्टम से संदिग्ध गतिविधियों पर अधिक सटीक नजर रखने की कोशिश की गई।
26 जनवरी 2026 को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में सैन्य ताकत, सांस्कृतिक झांकियां और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित कई डिफेंस-टेक क्षमताओं का प्रदर्शन हुआ। इस बार यूरोपीय संघ के शीर्ष प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को वैश्विक कूटनीतिक संदर्भ भी दिया।