वेब सर्च में 26 जनवरी 2026 के आसपास हिंदी में प्रमुख ‘स्वास्थ्य’ श्रेणी की स्वतंत्र, रिपोर्टेड न्यूज स्टोरी (जो अन्य कैटेगरी से डुप्लिकेट न हो) पर्याप्त रूप से नहीं मिली। इसलिए ‘हेल्थ’ के लिए आज की तारीख से जुड़ी स्वतंत्र खबर सत्यापित रूप से जोड़ना संभव नहीं है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक आरटीआई जवाब में बताया गया कि देश के 11 एम्स में फैकल्टी पदों की बड़ी संख्या खाली है। खबर में यह भी कहा गया कि दिल्ली एम्स में स्वीकृत 1,306 फैकल्टी पदों में से 524 पद रिक्त हैं, जिससे प्रमुख विभागों में स्टाफ की कमी को स्वास्थ्य सेवाओं की मांग के सामने बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
पंजाब सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिकों में एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में डॉग बाइट के मामलों की संख्या अधिक है और पहले टीकाकरण सीमित केंद्रों पर मिलने से इलाज में खर्च/दिक्कतें बढ़ती थीं।
मुरादाबाद में 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) के निर्माण की प्रक्रिया 26 जनवरी 2026 से शुरू होने की खबर है। परियोजना की लागत 44 करोड़ रुपये बताई गई है।
NDTV MP-Chhattisgarh की रिपोर्ट के मुताबिक दंतेवाड़ा के हीरानार गांव की समाजसेविका बुधरी ताती को पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा हुई है। रिपोर्ट में उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति से जुड़े लंबे जमीनी काम का विवरण दिया गया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार 2026 में मेडिकल रिसर्च और उपचार के क्षेत्र में AI, mRNA और नई थैरेपीज़ का प्रभाव बढ़ सकता है। कैंसर, ऑटोइम्यून बीमारियों और मोटापे जैसी चुनौतियों में नई तकनीकों से उम्मीदें जुड़ रही हैं।
WHO की Disease Outbreak News के अनुसार 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2024 के बीच भारत के गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कुल 151 ज़ीका वायरस रोग (ZVD) के मामले रिपोर्ट हुए। WHO ने ज़ीका के प्रसार मार्ग और गर्भावस्था में जोखिम को ध्यान में रखते हुए निगरानी व रोकथाम पर जोर दिया।
IMD के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि 26 जनवरी 2026 के आसपास कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और घने कोहरे की संभावना है। ऐसे मौसम में सांस के रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए जोखिम बढ़ सकता है, जबकि यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा भी रहता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक बार-बार अधिक फैट या अधिक चीनी वाले भोजन की आदतें शरीर में सूजन से जुड़े संकेतों और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ा सकती हैं। लेख में भोजन-आदतों के दीर्घकालिक असर पर फोकस किया गया है।
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में फॉरेंसिक जांच में कपड़ों पर वीर्य के अंश मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने इसे यौन उत्पीड़न की आशंका से जोड़कर जांच तेज की है। लापरवाही के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया।
एक विज्ञान कार्यक्रम के संदर्भ में बताया गया कि कोलोनोस्कोपी की मदद से कोलोरेक्टल कैंसर का जोखिम कम करने की कोशिश की जा रही है। समय पर जांच और जागरूकता को अहम माना गया।
डीडब्ल्यू के ‘मंथन’ कार्यक्रम के संदर्भ में रिपोर्ट में बताया गया है कि कोलोनोस्कोपी की मदद से कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को घटाने की कोशिश की जा रही है. स्क्रीनिंग, समय पर पहचान और रोकथाम की रणनीतियां सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए निर्णायक हो सकती हैं.