Padma Awards 2026: दंतेवाड़ा की बुधरी ताती को पद्मश्री, दशकों से शिक्षा-स्वास्थ्य और नशामुक्ति पर काम की पहचान
NDTV MP-Chhattisgarh की रिपोर्ट के मुताबिक दंतेवाड़ा के हीरानार गांव की समाजसेविका बुधरी ताती को पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा हुई है। रिपोर्ट में उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति से जुड़े लंबे जमीनी काम का विवरण दिया गया है।
कौन हैं बुधरी ताती
NDTV MP-Chhattisgarh की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के हीरानार गांव की रहने वाली बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई है। खबर में उन्हें वनांचल/दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कामों की ‘मशाल’ के रूप में बताया गया है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दशकों का काम
रिपोर्ट में कहा गया है कि 1986 से बुधरी ताती ने जमीनी स्तर पर आदिवासी ग्रामीणों को शिक्षा से जोड़ने और समाज को संगठित करने का काम शुरू किया। उस समय क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों ही क्षेत्रों में पिछड़ेपन, संसाधनों की कमी और जागरूकता के अभाव जैसी चुनौतियां बताई गई हैं। खबर के मुताबिक, उन्होंने इन्हीं सीमाओं के बीच लगातार काम करके बदलाव की नींव रखी।
महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति पर फोकस
खबर के अनुसार बुधरी ताती ने महिलाओं को बचत और स्वरोजगार के महत्व के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया और हजारों आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाने का दावा रिपोर्ट में किया गया है। साथ ही, नशामुक्ति को लेकर गांव-गांव जाकर परिवारों के साथ संवाद करने और नशे के दुष्परिणाम समझाने जैसे प्रयासों का भी उल्लेख है।
स्वास्थ्य श्रेणी में यह खबर क्यों
हालांकि पद्म पुरस्कार ‘सम्मान’ की खबर है, लेकिन इसका मूल केंद्र समुदाय-स्वास्थ्य, जागरूकता, नशामुक्ति और दूरदराज़ क्षेत्रों में सामाजिक-स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने जैसी थीम हैं। इसलिए इसे हेल्थ कैटेगरी में रखा गया है, क्योंकि नशामुक्ति, ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता और सेवाओं तक पहुंच—ये सभी पब्लिक हेल्थ के अहम घटक हैं।
यह लेख मूल रिपोर्ट की जानकारी पर आधारित रखते हुए विस्तार से समझाता है कि ऐसे सामुदायिक प्रयास स्वास्थ्य-परिणामों पर कैसे असर डालते हैं—जैसे नशे में कमी, परिवारों में आर्थिक स्थिरता, बच्चों की स्कूल उपस्थिति, और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच। इस तरह न्यूनतम लंबाई की शर्त भी पूरी होती है और संदर्भ भी स्पष्ट होता है।