कांग्रेस की अर्थव्यवस्था पर रिपोर्ट: ‘बढ़ती असमानता’ का दावा, GDP-रोज़गार और रुपये पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने 27 जनवरी 2026 को मोदी सरकार के कामकाज पर रिपोर्ट जारी कर आर्थिक विकास के दावों को चुनौती दी। पार्टी ने GDP आंकड़ों, महंगाई, रुपये के प्रदर्शन और रोजगार की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
27 जनवरी 2026 को कांग्रेस ने केंद्र सरकार के आर्थिक प्रदर्शन पर एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट का शीर्षक ‘बढ़ती असमानता, सिमटता लोकहित—2026 में अर्थव्यवस्था की असली हालत’ बताया गया है। कांग्रेस रिसर्च विभाग के प्रमुख राजीव गौड़ा और रिसर्च-निगरानी विभाग के प्रभारी अमिताभ दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाए और कहा कि जमीनी हालात इससे अलग हैं।

GDP, महंगाई और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने GDP ग्रोथ और महंगाई से जुड़े सरकारी आंकड़ों की व्याख्या/विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर कुछ तिमाही आंकड़े उसी तरह माने जाएं जैसा प्रस्तुत किया गया है, तो वह ‘अवास्तविक निष्कर्षों’ की ओर ले जाते हैं।
रुपये, निवेश और पूंजी प्रवाह का मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुपये के प्रदर्शन और निवेश प्रवाह का जिक्र भी किया गया। रिपोर्ट में यह तर्क दिया गया कि यदि अर्थव्यवस्था मजबूत होती तो निवेश प्रवाह अपेक्षाकृत बेहतर दिखना चाहिए था।
रोज़गार और असमानता पर फोकस
कांग्रेस ने युवाओं के रोजगार, शहरी बेरोजगारी और कंपनियों के मुनाफे बनाम जॉब ग्रोथ जैसे बिंदुओं को भी प्रमुखता से उठाया। पार्टी का दावा है कि कुछ क्षेत्रों में मुनाफा बढ़ने के बावजूद रोजगार सृजन की गति उतनी नहीं बढ़ी।
आगे क्या हो सकता है असर?
- बजट और संसद सत्र से पहले आर्थिक बहस तेज होने की संभावना
- सरकारी आंकड़ों और वैकल्पिक आकलन पर राजनीतिक टकराव
- रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे मुद्दों पर फोकस बढ़ना
रिपोर्ट आने के बाद सरकार की तरफ से जवाब और डेटा-आधारित पलटवार की संभावना भी बढ़ जाती है, खासकर बजट सत्र के करीब होने के कारण।