RJD में आंतरिक कलह तेज: तेजस्वी यादव पर परिवार, पार्टी और सहयोगियों की बढ़ती आलोचना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में भीतरखाने तनाव बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्ट के अनुसार तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर परिवार, पार्टी के भीतर के नेताओं और सहयोगी दलों की ओर से सवाल उठ रहे हैं। इससे बिहार की राजनीति में गठबंधन समीकरणों और पार्टी रणनीति को लेकर नई अनिश्चितता भी बढ़ सकती है।
बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर उभरता आंतरिक संकट सुर्खियों में है। 25 जनवरी 2026 (रविवार) को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के नेता तेजस्वी यादव चारों ओर से आलोचनाओं के घेरे में दिख रहे हैं। बताया गया है कि असंतोष की शुरुआत परिवार के स्तर से भी सामने आई, और इसके बाद पार्टी के भीतर तथा सहयोगी दलों की ओर से भी नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे।

परिवार और संगठन से लेकर सहयोगियों तक, क्यों बढ़े सवाल
राजनीतिक दलों में नेतृत्व पर भरोसा और संगठनात्मक एकजुटता सबसे अहम मानी जाती है। लेकिन जब आलोचना कई दिशाओं से आती है—घर के भीतर, पार्टी के भीतर और गठबंधन में—तो उसका असर सार्वजनिक छवि और रणनीतिक निर्णयों दोनों पर पड़ता है। रिपोर्ट में यह संकेत भी है कि RJD में ‘मंथन’ जैसी स्थिति बनी हुई है, यानी पार्टी अपने आगे के रास्ते पर पुनर्विचार कर सकती है।
गठबंधन राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है
बिहार में गठबंधन समीकरण अक्सर तेज़ी से बदलते रहे हैं। ऐसे में यदि सहयोगी दल खुले तौर पर नेतृत्व या दिशा पर सवाल उठाते हैं, तो सीट-बंटवारे, साझा एजेंडा और चुनावी रणनीति पर दबाव बढ़ सकता है। किसी भी गठबंधन में यह अहम होता है कि साझेदारों के बीच संदेश एक जैसा जाए; मतभेद बढ़ने पर विपक्ष को राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।
आगे की राह
आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि क्या RJD नेतृत्व अंदरूनी मतभेदों को बातचीत से सुलझाता है या फिर संगठनात्मक बदलाव, भूमिकाओं का पुनर्वितरण अथवा सार्वजनिक स्तर पर स्पष्टीकरण जैसी पहलें होती हैं। फिलहाल, इस विवाद ने पार्टी की आंतरिक एकता और गठबंधन प्रबंधन—दोनों सवालों को एक साथ केंद्र में ला दिया है।