‘मुंबई का मेयर’ विवाद पर नवाब मलिक का पलटवार, बोले—महाराष्ट्र में लंबे समय से रहने वाला हर नागरिक मराठी
BMC चुनावों की आहट के बीच NCP नेता नवाब मलिक ने मेयर पद और पहचान की राजनीति पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जन्मे और रहने वाले सभी नागरिक मराठी हैं, चाहे भाषा या धर्म कुछ भी हो।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक NCP के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने एक इंटरव्यू में भाजपा और शिवसेना पर हमला करते हुए मेयर पद से जुड़े दावों और पहचान आधारित राजनीति पर आपत्ति जताई। मलिक ने कहा कि ‘मेयर हमारा ही बनेगा’ और ऐसी राजनीतिक स्थिति बनेगी कि उनके बिना मुंबई का मेयर नहीं बन सकता।

रिपोर्ट के अनुसार मलिक ने उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि ‘मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा’। मलिक ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए सवाल उठाया कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में जन्मे और लंबे समय से रहने वाले सभी नागरिक मराठी हैं—उनकी भाषा या धर्म कुछ भी हो—और मुंबई की जनता को ‘जागरूक’ बताते हुए धर्म व भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों की आलोचना की।
BMC चुनावों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और स्थानीय निकाय के जरिए शहरी विकास, बुनियादी सेवाएं और बजट-निर्णय सीधे नागरिक जीवन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में ‘कौन मेयर बनेगा’ से अधिक अहम यह हो जाता है कि दल किस तरह का विकास एजेंडा रखते हैं—झुग्गी पुनर्वास, सड़क/जल निकासी, प्रदूषण नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दे चुनावी बहस का केंद्र बनने चाहिए।
हालांकि, हर चुनावी दौर में पहचान और प्रतीकात्मक मुद्दों का वजन भी बढ़ जाता है। मलिक के बयान इसी बदलते विमर्श का संकेत देते हैं, जहां एक तरफ गठबंधन अंकगणित और सीटों की दावेदारी है, तो दूसरी तरफ ‘किसकी पहचान’ और ‘किसका प्रतिनिधित्व’ जैसे प्रश्न राजनीतिक संदेशों का हिस्सा बनते जा रहे हैं।