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पटना NEET छात्रा मौत मामला: FSL रिपोर्ट के बाद सियासी घमासान, RJD ने सरकार पर ‘बड़े नेताओं को बचाने’ का आरोप लगाया

पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में FSL रिपोर्ट के बाद विवाद बढ़ गया है। RJD ने जांच पर सवाल उठाते हुए NDA सरकार पर प्रभावशाली लोगों को बचाने के आरोप लगाए हैं।

दैनिक समाचार न्यूज़ डेस्क

मामला क्या है और राजनीति क्यों तेज हुई

पटना में एक गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े NEET छात्रा मौत मामले ने बिहार की राजनीति में तेज हलचल पैदा कर दी है। 25 जनवरी 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने जांच की दिशा और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

पटना NEET छात्रा मौत मामला: FSL रिपोर्ट के बाद सियासी घमासान, RJD ने सरकार पर ‘बड़े नेताओं को बचाने’ का आरोप लगाया
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राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से बयान आया कि इस मामले में ‘बड़े नेताओं’ को बचाने की कोशिश हो रही है। RJD नेता भाई वीरेंद्र ने सरकार और पुलिस तंत्र पर निष्पक्षता को लेकर तीखी टिप्पणी की और कार्रवाई/जवाबदेही की मांग को आगे बढ़ाया।

RJD की मुख्य आपत्तियां और मांगें

रिपोर्ट के मुताबिक RJD का दावा है कि मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की आशंका है और जांच उस दिशा में पर्याप्त गंभीरता से नहीं बढ़ रही। इसी क्रम में उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांगें उठाईं।

राजनीतिक रूप से इस घटनाक्रम का असर इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली सीधे जनता के सामने सवाल बनकर आते हैं।

आगे की राह: जांच, जवाबदेही और सार्वजनिक दबाव

FSL निष्कर्षों और पुलिस की आगे की जांच पर ही अब मामले की दिशा निर्भर करेगी—खासकर यह कि संदिग्धों/आरोपियों की पहचान, सबूतों की श्रृंखला और समय पर की गई कार्रवाई कितनी ठोस है।

विपक्ष का दबाव और सार्वजनिक आक्रोश अक्सर तेज कार्रवाई की मांग बढ़ाते हैं, जबकि प्रशासन पर पारदर्शी अपडेट देने और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

स्रोत पुस्तिका

  1. Navbharat TimesNavbharat Times