दुनिया की नजरें नई दिल्ली पर: एपी की रिपोर्ट में गणतंत्र दिवस पर भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता की झलक
Associated Press की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड में सैन्य हार्डवेयर, फ्लाइपास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी क्षमता और विविधता प्रदर्शित की। समारोह में यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया।
अंतरराष्ट्रीय कवरेज: परेड एक ‘शोकेस’ के रूप में
26 जनवरी 2026 को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रमुखता से कवर किया। Associated Press (एपी) की रिपोर्ट में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड का विस्तृत वर्णन है—जहां सैनिकों की सधी हुई मार्चिंग, बख्तरबंद स्तंभ, मिसाइल सिस्टम और रडार यूनिट जैसी क्षमताओं के प्रदर्शन के साथ-साथ वायुसेना के लड़ाकू विमानों का फ्लाइपास्ट भी शामिल रहा।

एपी ने यह भी रेखांकित किया कि परेड केवल सैन्य प्रदर्शन नहीं थी; इसमें भारत की सांस्कृतिक विविधता का रंग भी था। विभिन्न क्षेत्रों की लोक-कलाओं, नृत्य-प्रस्तुतियों और झांकियों ने भारत को एक बहु-भाषी, बहु-परंपरागत समाज के रूप में दिखाया। इस प्रकार, एक ही मंच पर ‘सुरक्षा क्षमता’ और ‘सांस्कृतिक पहचान’ को जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
मेहमान, प्रतीक और संदेश
रिपोर्ट में यह उल्लेख भी है कि समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। इससे यह संकेत गया कि भारत अपने राष्ट्रीय दिवस को एक कूटनीतिक अवसर के तौर पर भी उपयोग करता है—जहां साझेदार देशों/संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहकर प्रतीकात्मक समर्थन और संवाद की संभावनाओं को मजबूत करते हैं।
एपी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में भी गणतंत्र दिवस परेड आयोजित हुईं। यह बताता है कि राष्ट्रीय कार्यक्रम का असर केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहता; इसका स्वरूप बहु-स्तरीय और देशव्यापी होता है।
एपी के विवरण में ‘सैन्य प्रदर्शन + सांस्कृतिक प्रस्तुतियां’ का संयोजन भारत की ‘हार्ड पावर’ और ‘सॉफ्ट पावर’ दोनों को एक साथ दिखाने वाली रणनीति जैसा नजर आता है।
- स्थान: कर्तव्य पथ, नई दिल्ली
- मुख्य दृश्य: मार्च-पास्ट, मिसाइल/टैंक/रडार प्लेटफॉर्म, फ्लाइपास्ट
- सांस्कृतिक हिस्सा: लोकनृत्य और झांकियां
- अतिथि: यूरोपीय परिषद व यूरोपीय आयोग के शीर्ष नेता