गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर परेड, पीएम मोदी का संदेश; राजस्थान में 10,000 किलो विस्फोटक बरामदगी से हड़कंप
भारत ने 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुभकामनाएं दीं और कर्तव्य पथ पर परेड में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन हुआ। उधर राजस्थान के नागौर जिले में एक सुनसान फार्महाउस से करीब 10,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद होने और एक आरोपी की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी।
26 जनवरी 2026 (सोमवार) को देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्साह दिखा। कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में भारत की सैन्य क्षमता, आधुनिक हथियार प्रणालियों और नई इकाइयों की झलक दिखाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की बात कही। राजधानी समेत कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रमुख जगहों पर निगरानी बढ़ाई गई।

दिन की बड़ी खबरों में राजस्थान के नागौर जिले से सामने आई बरामदगी भी शामिल रही। पुलिस के मुताबिक अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों पर कार्रवाई के दौरान एक सुनसान फार्महाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। रिपोर्ट के अनुसार करीब 10,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। बरामद सामान में अमोनियम नाइट्रेट के बोरे, डेटोनेटर और तार जैसे उपकरण भी शामिल बताए गए।
जांच एजेंसियां इस बरामदगी को संभावित तस्करी नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का मकसद केवल एक खेप पकड़ना नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई-चेन की कड़ियों तक पहुंचना है। सुरक्षा के लिहाज से यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि विस्फोटक सामग्री का दुरुपयोग सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की उपलब्धियों के प्रदर्शन के साथ-साथ, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाएं भी एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बनी रहीं।
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान दिल्ली-एनसीआर और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। आयोजनों के मद्देनजर ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, राजस्थान की कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि अवैध खनन और उससे जुड़े विस्फोटक कारोबार पर कड़ी निगरानी जारी है।
आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होने की संभावना है कि बरामद विस्फोटक किस उद्देश्य के लिए रखा गया था, इसकी खरीद-फरोख्त किन माध्यमों से हुई, और इसमें कितने लोग या समूह शामिल थे। फिलहाल, अधिकारी बरामदगी के स्रोत, परिवहन रूट और वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की छानबीन कर रहे हैं।