बारामती के पास विमान दुर्घटना: उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 की मौत, ब्लैक बॉक्स से होगी तकनीकी कारणों की जांच
महाराष्ट्र के पुणे ज़िले में बारामती हवाई अड्डे के पास एक निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक तकनीकी खराबी के संकेत मिले हैं और जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स के डेटा से दुर्घटना की वजहों को खंगालेंगी।
क्या हुआ और कहां हादसा हुआ
बुधवार, 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के पुणे ज़िले में बारामती हवाई अड्डे के पास एक विमान दुर्घटना ने राज्य और देश की राजनीति को हिला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक ‘टेबलटॉप रनवे’ से करीब 200 मीटर की दूरी पर विमान गिरा, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।

घटना के बाद राहत-बचाव, प्रशासनिक प्रतिक्रिया और राजनीतिक नेतृत्व के मौके पर पहुंचने की प्रक्रिया तेज हुई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान से बरामद होने वाले ‘ब्लैक बॉक्स’ (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) के विश्लेषण पर विशेष ध्यान रहेगा।
जांच का फोकस: तकनीकी कारण, विमान और ऑपरेटर
रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में दिल्ली स्थित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित ‘लीयरजेट 45’ के तकनीकी पहलुओं पर फोकस रहने की संभावना है। जांच एजेंसियां उड़ान के आखिरी पलों में सिस्टम अलर्ट, इंजन/हाइड्रोलिक स्थिति, नेविगेशन डेटा, रनवे अप्रोच, मौसम और पायलट-एटीसी बातचीत जैसे बिंदुओं को जोड़कर एक टाइमलाइन तैयार करेंगी।
किसी भी विमान हादसे में निर्णायक कड़ी ब्लैक बॉक्स का डेटा माना जाता है, क्योंकि इससे यह पता चलता है कि आखिरी मिनटों में विमान के सिस्टम कैसे काम कर रहे थे और कॉकपिट में क्या निर्णय लिए गए। इसी आधार पर यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना महज़ तकनीकी खराबी थी, मानवीय त्रुटि थी या परिस्थितियों का संयुक्त असर।
राज्य में शोक और प्रशासनिक फैसले
हादसे के बाद महाराष्ट्र में शोक की लहर बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर राज्य में तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई और 28 जनवरी 2026 को सरकारी कार्यालय बंद रखने की घोषणा भी की गई। पुणे सहित कई शहरों में बाजार बंद होने की खबर भी आई।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया में अंतिम दर्शन, राजकीय सम्मान, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और शोक-संदेशों का क्रम शामिल रहा। साथ ही, गठबंधन सरकार और राकांपा के भीतर नेतृत्व व संगठनात्मक दिशा को लेकर भी चर्चाएं तेज होने की संभावना जताई गई।
नोट: हादसे के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और ब्लैक बॉक्स विश्लेषण के बाद ही होगी। शुरुआती संकेत और सूत्र-आधारित दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।