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पद्म पुरस्कार 2026 का ऐलान: 131 नामों की सूची, गणतंत्र दिवस से पहले देश की उपलब्धियों का सम्मान

गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई। इस साल कुल 131 नामों को मंजूरी दी गई है। सूची में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के लिए विभिन्न क्षेत्रों के चर्चित और गुमनाम नायकों को जगह मिली।

दैनिक समाचार न्यूज़ डेस्क

घोषणा का संदर्भ और इस बार क्या खास रहा

25 जनवरी 2026 (रविवार) को, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार 2026 की सूची सामने आई। इस बार कुल 131 पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है। यह सम्मान कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, समाजसेवा, चिकित्सा, सार्वजनिक जीवन और अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

पद्म पुरस्कार 2026 का ऐलान: 131 नामों की सूची, गणतंत्र दिवस से पहले देश की उपलब्धियों का सम्मान
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सूची के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सांस्कृतिक हलकों तक चर्चाएं तेज हो गईं—किसे किस श्रेणी में सम्मान मिला, किन नामों को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और किन मामलों में निर्णय पर बहस छिड़ी। ऐसे मौकों पर अक्सर ‘जन-स्वीकृति’ और ‘प्रक्रिया’ दोनों पर सवाल उठते हैं, लेकिन यह भी सच है कि पद्म पुरस्कारों के जरिए कई ऐसे योगदानों पर भी राष्ट्रीय ध्यान जाता है जो रोजमर्रा की सुर्खियों में नहीं रहते।

कितने पुरस्कार और किन श्रेणियों में

रिपोर्टों के अनुसार इस वर्ष 131 नामों को पद्म पुरस्कार दिए जाने की मंजूरी मिली है। इसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीनों श्रेणियां शामिल हैं। हर श्रेणी का उद्देश्य अलग है—पद्म विभूषण सबसे उच्च स्तर पर ‘असाधारण और विशिष्ट सेवा’ को रेखांकित करता है, पद्म भूषण ‘उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा’ और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में ‘विशिष्ट सेवा’ के लिए दिया जाता है।

इस साल की सूची में मनोरंजन जगत से जुड़े कुछ चर्चित नामों की चर्चा भी खूब हुई। कई लोगों के लिए यह सूची इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसमें अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और पेशों के लोगों को शामिल किया गया, जिससे पुरस्कारों की विविधता पर जोर दिखता है।

आगे क्या: औपचारिक सम्मान समारोह

पद्म पुरस्कारों की घोषणा तो गणतंत्र दिवस के आसपास होती है, लेकिन औपचारिक अलंकरण समारोह आम तौर पर बाद में आयोजित होता है। इस दौरान राष्ट्रपति भवन में चयनित विभूतियों को सम्मान प्रदान किया जाता है।

देश के लिए ऐसे सम्मान सिर्फ एक सूची नहीं होते—यह संकेत भी होते हैं कि किन क्षेत्रों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर ‘मॉडल’ माना जा रहा है। इसलिए सूची आने के बाद समर्थन, आलोचना और पुनर्मूल्यांकन—सब साथ-साथ चलते हैं।

स्रोत पुस्तिका

  1. AajTakAajTak