WhatsApp के ‘एड-फ्री’ सब्सक्रिप्शन संकेत: बीटा कोड में पेड मॉडल की चर्चा, स्टेटस में विज्ञापन का अनुमान
एक रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.3.9 के कोड में पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल के संकेत मिले हैं। दावा है कि बिना सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स को स्टेटस टैब में विज्ञापन दिख सकते हैं, हालांकि कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
WhatsApp को लेकर 26 जनवरी 2026 को एक बड़ी टेक रिपोर्ट सामने आई। नवभारत टाइम्स के अनुसार WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.3.9 के कोड में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह चर्चा तेज हुई कि प्लेटफॉर्म भविष्य में ‘एड-फ्री’ अनुभव के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल ला सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह बदलाव खास तौर पर स्टेटस टैब से जुड़ा हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक संभावित मॉडल यह हो सकता है कि जिन यूजर्स के पास सब्सक्रिप्शन नहीं होगा, उन्हें स्टेटस सेक्शन में विज्ञापन दिखें। वहीं, सब्सक्राइबर यूजर्स को विज्ञापन-मुक्त अनुभव मिल सकता है। हालांकि, रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि WhatsApp या Meta की ओर से अभी तक इस योजना पर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
WhatsApp लंबे समय से ‘फ्री और सिंपल’ मैसेजिंग ऐप की पहचान के साथ इस्तेमाल होता रहा है, इसलिए पेड विकल्प की चर्चा यूजर्स के लिए संवेदनशील विषय बन सकती है। दूसरी ओर, ऐप के लिए कमाई के टिकाऊ मॉडल की खोज भी टेक इंडस्ट्री में लगातार चर्चा का विषय रही है, खासकर तब जब प्लेटफॉर्म पर यूजर-बेस बहुत बड़ा हो और इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत भी निरंतर बढ़ती रहे।
बीटा कोड में दिखने वाले संकेत जरूरी नहीं कि तुरंत लागू हों—लेकिन वे संभावित दिशा का इशारा जरूर करते हैं।
रिपोर्ट में यह संदर्भ भी आया कि WhatsApp Business यूजर्स पहले से Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स (जैसे Facebook/Instagram) पर विज्ञापन चला सकते हैं। संभावित रूप से भविष्य में प्रमोशनल सिस्टम और WhatsApp के भीतर विज्ञापन प्लेसमेंट के बीच इंटीग्रेशन बढ़ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यूजर्स के लिए प्राइवेसी, यूजर एक्सपीरियंस और ऐप के मूल ‘नो-एड’ वादे पर नई बहस भी खड़ी हो सकती है।
फिलहाल, यह खबर एक रिपोर्ट और बीटा संकेतों पर आधारित है। यूजर्स के लिए व्यावहारिक कदम यही है कि वे आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और किसी भी पेड फीचर/विज्ञापन बदलाव पर ऐप की रिलीज नोट्स और आधिकारिक घोषणाओं को प्राथमिकता दें।