2026 की शुरुआत में भारत में टेक हायरिंग 24% घटी: Xpheno सर्वे, Economic Times की रिपोर्ट
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, Xpheno के ‘Active Tech Jobs Outlook – India’ में जनवरी 2026 में सक्रिय टेक जॉब ओपनिंग्स साल-दर-साल 24% घटकर करीब 1.03 लाख रहीं। एंट्री-लेवल में हल्की तेजी, लेकिन मिड-सीनियर भूमिकाओं में दबाव बताया गया है।
भारत के टेक जॉब बाजार में 2026 की शुरुआत सुस्ती के संकेत लेकर आई है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, Xpheno के ‘Active Tech Jobs Outlook – India’ (जनवरी 2026) में सक्रिय टेक जॉब ओपनिंग्स साल-दर-साल 24% कम होकर करीब 1.03 लाख के आसपास रहीं। यह जनवरी 2021 के बाद मांग के रिकॉर्ड किए गए स्तरों में से एक कमजोर स्थिति बताई गई है, जो यह दिखाती है कि हायरिंग में रिकवरी अब भी धीमी है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 के दौरान हायरिंग पहले से ही सुस्त रही, और दिसंबर 2025 के बाद जनवरी 2026 में भी माह-दर-माह गिरावट दर्ज हुई। कुल मिलाकर मांग शुरुआती 2022 के शिखर स्तर से काफी नीचे बताई गई है। इसका मतलब यह है कि टेक कंपनियां लागत नियंत्रण, प्रोजेक्ट पाइपलाइन और वैश्विक IT खर्च के ट्रेंड को देखते हुए नियुक्तियों पर सतर्क रुख बनाए हुए हैं।
हालांकि तस्वीर एक जैसी नहीं है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, एंट्री-लेवल भूमिकाओं में कुछ बढ़त दिखी, लेकिन मिड-सीनियर और सीनियर स्तर की भूमिकाओं में कमी का दबाव बना रहा। IT सर्विसेज फर्मों में मांग कमजोर बताई गई, जबकि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को अपेक्षाकृत बेहतर स्पॉट के रूप में उल्लेख किया गया। यह संकेत देता है कि कुछ उप-सेगमेंट अब भी टैलेंट जोड़ रहे हैं, लेकिन व्यापक बाजार सावधानी में है।
शहरों के लिहाज से भी मांग कुछ बड़े टेक हब में केंद्रित रही, पर वहां भी साल-दर-साल गिरावट की चर्चा है। इस माहौल में उम्मीदवारों के लिए स्किल अपग्रेड (क्लाउड, डेटा, साइबर, AI-इनेबल्ड टूल्स), पोर्टफोलियो प्रोजेक्ट्स और इंटरव्यू-रेडी तैयारी की जरूरत बढ़ जाती है, जबकि कंपनियां भूमिका-आधारित (role-based) हायरिंग, कॉन्ट्रैक्ट बनाम फुल-टाइम मिश्रण और लागत-प्रभावी लोकेशंस पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं।