साइबर अलर्ट: 14.9 करोड़ से ज्यादा अकाउंट्स के लॉगिन-क्रेडेंशियल लीक, Gmail-Instagram-Netflix तक के यूजर्स प्रभावित होने का दावा
एक रिपोर्ट के मुताबिक 96GB का डेटाबेस सामने आया जिसमें 14.9 करोड़ से अधिक यूनिक लॉगिन और पासवर्ड होने का दावा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि यूजर्स पासवर्ड बदलें और 2FA ऑन करें।
एक बड़े साइबर सिक्योरिटी अलर्ट में दावा किया गया है कि 14.9 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लॉगिन क्रेडेंशियल (यूजरनेम और पासवर्ड) लीक हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह डेटा एक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटाबेस में पाया गया, जो पासवर्ड-प्रोटेक्टेड या एन्क्रिप्टेड नहीं था और इसका कुल आकार करीब 96GB बताया गया। दावा है कि इसमें Gmail, Instagram, Facebook, Netflix और अन्य सेवाओं से जुड़े अकाउंट्स के लॉगिन डिटेल्स शामिल हो सकते हैं, जिससे अकाउंट टेकओवर और फिशिंग जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सैंपल्स की जांच में हजारों ऐसी फाइलें मिलीं जिनमें ईमेल, यूजरनेम, पासवर्ड और संबंधित अकाउंट्स के लॉगिन URL लिंक मौजूद थे। इससे यह खतरा बढ़ जाता है कि साइबर अपराधी एक ही पासवर्ड के दोहराव (password reuse) का फायदा उठाकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लॉगिन की कोशिश कर सकते हैं।
यूजर्स तुरंत क्या करें?
- अपने मुख्य अकाउंट्स (ईमेल/सोशल/बैंकिंग से जुड़े) के पासवर्ड तुरंत बदलें और हर साइट पर अलग पासवर्ड रखें।
- Two-Factor Authentication (2FA) या Multi-Factor Authentication (MFA) ऑन करें, खासकर ईमेल और सोशल मीडिया पर।
- अनजान लिंक, अटैचमेंट और संदिग्ध ईमेल/मैसेज से सावधान रहें—फिशिंग के जरिए पासवर्ड चुराए जा सकते हैं।
- पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें ताकि यूनिक, मजबूत पासवर्ड बनाना और संभालना आसान हो।
विशेषज्ञ आम तौर पर यह सलाह देते हैं कि अगर किसी भी प्लेटफॉर्म पर लॉगिन गतिविधि संदिग्ध लगे—जैसे अनजान लोकेशन से साइन-इन, OTP/रीसेट ईमेल, या पासवर्ड बदलने की सूचना—तो तुरंत रिकवरी सेटिंग्स जांचें, सेशन्स लॉगआउट करें और सिक्योरिटी चेकअप पूरा करें।
इस तरह के डेटा एक्सपोजर का असर लंबे समय तक रह सकता है, क्योंकि लीक हुए पासवर्ड/ईमेल कई बार अलग-अलग अटैक्स में बार-बार इस्तेमाल किए जाते हैं। इसलिए पासवर्ड रोटेशन और 2FA जैसी बेसिक सुरक्षा आदतें अभी और ज्यादा जरूरी हो जाती हैं।