मौसम का असर सेहत पर: IMD का अलर्ट—दिल्ली-यूपी समेत 13 राज्यों में बारिश-तूफान, ठंड/शीतलहर का जोखिम बढ़ा
IMD की चेतावनी के मुताबिक 27 जनवरी 2026 को 13 राज्यों में बारिश और तूफानी गतिविधि की आशंका है। ऐसे मौसम में सर्दी-जुकाम, सांस की तकलीफ और हाइपोथर्मिया/हार्ट स्ट्रेस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है—खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों में।
27 जनवरी 2026 को भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के मुताबिक देश के 13 राज्यों में बारिश और तूफानी गतिविधि की संभावना जताई गई है। खबरों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और पुडुचेरी समेत कई इलाकों में तेज हवाएं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में ठंड/शीतलहर की स्थिति भी बनी रह सकती है।

ऐसे उतार-चढ़ाव वाले मौसम में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं—खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, अस्थमा/सीओपीडी (COPD) वाले मरीजों और दिल की बीमारी वाले लोगों के लिए। ठंडी हवा और नमी के कारण शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है, और सांस की नलियों में जलन/संकुचन बढ़ सकता है।
इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें
- लगातार कंपकंपी, अत्यधिक ठंड लगना, भ्रम या असामान्य सुस्ती
- सीने में जकड़न, सांस फूलना, घरघराहट बढ़ना
- बुखार, बदन दर्द, तेज खांसी या गले में गंभीर खराश
व्यावहारिक सावधानियां (घर और बाहर)
खराब मौसम में बाहर निकलना जरूरी हो तो लेयरिंग (कपड़ों की परतें), सिर/कान ढकना और सूखे कपड़े साथ रखना मददगार है। अस्थमा या एलर्जी वाले लोग इनहेलर/दवा साथ रखें और धूल भरी आंधी या ठंडी तेज हवा में मास्क/स्कार्फ से नाक-मुंह ढकें। बारिश में भीगने के बाद कपड़े तुरंत बदलें, क्योंकि गीले कपड़े शरीर की गर्मी तेजी से निकालते हैं।
यदि किसी को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, या बेहोशी जैसा लगे तो देरी किए बिना स्थानीय चिकित्सा सहायता लें।
मौसम का अलर्ट केवल यात्रा/फसल के लिए नहीं—यह स्वास्थ्य के लिए भी ‘रिस्क सिग्नल’ है।