झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई: मंडला में गर्भवती की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो अवैध क्लिनिक सील किए
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गर्भवती महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाया। जांच में बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के एलोपैथी इलाज करने के आरोप में दो क्लिनिक सील किए गए और संचालकों को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे गए हैं।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। 25 जनवरी 2026 (रविवार) को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार एक गर्भवती महिला की मौत के बाद मामले की जांच तेज हुई और सामने आया कि अस्पताल के सामने स्थित दो क्लिनिक बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के एलोपैथी चिकित्सा कर रहे थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों अवैध क्लिनिक सील कर दिए और क्लिनिक संचालकों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

क्यों खतरनाक है झोलाछाप इलाज
गर्भावस्था जैसी संवेदनशील स्थिति में गलत दवाइयों, गलत इंजेक्शन, या बिना प्रशिक्षण के किए गए उपचार से मां और बच्चे—दोनों की जान को जोखिम हो सकता है। झोलाछाप प्रैक्टिस में अक्सर न तो सही डायग्नोसिस की व्यवस्था होती है और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी संसाधन। ऐसे मामलों में समय पर रेफरल न होना भी स्थिति को गंभीर बना देता है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। नोटिस के जरिए क्लिनिक संचालकों से दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे किस आधार पर चिकित्सा सेवाएं दे रहे थे। इसके साथ ही यह संदेश भी जाता है कि बिना लाइसेंस/मान्यता चिकित्सा करना कानूनी कार्रवाई और सीलिंग जैसी सख्ती को आमंत्रित कर सकता है।
लोग क्या सावधानी बरतें
- इलाज कराने से पहले डॉक्टर की डिग्री/रजिस्ट्रेशन और क्लिनिक की वैधता की जानकारी लें।
- गर्भावस्था, बच्चों की बीमारी, सांस/दिल से जुड़े लक्षण और इमरजेंसी में केवल मान्यता प्राप्त अस्पताल/डॉक्टर से ही इलाज कराएं।
- यदि किसी क्लिनिक में संदिग्ध गतिविधि दिखे (डिग्री/रजिस्ट्रेशन का प्रदर्शन न होना, आपात सुविधा का अभाव), तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
- दवाइयों की पर्ची और जांच रिपोर्ट सुरक्षित रखें—किसी जटिलता की स्थिति में यह अहम होती है।
इलाज की सुरक्षा केवल सुविधा या कम खर्च का सवाल नहीं है—यह जीवन और स्वास्थ्य की सीधी जिम्मेदारी है। इस घटना के बाद मंडला में कार्रवाई ने अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने की जरूरत फिर सामने रख दी है।