Budget 2026: बजट के बाद निवेश से पहले ‘उतार-चढ़ाव’ समझें, एक्सपर्ट्स ने बताए प्री-बजट ट्रेंड्स और जोखिम
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार बजट 2026 के नजदीक आते ही बाजार में निवेशकों की बेचैनी दिख रही है। रिपोर्ट में पिछले वर्षों के प्री-बजट आंकड़े, बजट-दिन का उतार-चढ़ाव और बजट के बाद संभावित रिकवरी जैसे बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बजट से पहले बाजार में ‘टेंशन’ क्यों
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक Budget 2026 की उलटी गिनती के साथ शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की चिंता बढ़ी है। खबर में बताया गया कि बजट से पहले वाला सप्ताह अक्सर वोलैटिलिटी वाला होता है, क्योंकि निवेशक नीतियों, टैक्स बदलाव और अचानक होने वाले फैसलों (policy shock) को लेकर सतर्क रहते हैं।

प्री-बजट ट्रेंड्स: आंकड़े क्या संकेत देते हैं
रिपोर्ट में 2010 से 2022 तक के डेटा का हवाला देते हुए कहा गया है कि बजट से एक हफ्ते पहले निफ्टी का औसत रिटर्न नकारात्मक (लगभग -0.52%) रहा। यह भी बताया गया कि पिछले करीब 15 वर्षों में केवल कुछ मौकों पर ही बजट से पहले बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।
बजट वाले दिन और उसके बाद: क्या उम्मीद
खबर में कहा गया कि बजट वाले दिन इंट्राडे उतार-चढ़ाव औसतन काफी तेज हो सकता है (रिपोर्ट के अनुसार लगभग 2.65%)। साथ ही, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया कि बजट के बाद वाले सप्ताह में बाजार अक्सर रिकवरी दिखाता है, और औसतन सकारात्मक रिटर्न की प्रवृत्ति देखी गई है।
इस बार का फोकस किन सेक्टरों पर हो सकता है
रिपोर्ट में बाजार विशेषज्ञों की राय के आधार पर कहा गया कि सरकार का ध्यान आर्थिक विकास और फिस्कल संतुलन के बीच तालमेल पर रह सकता है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और रेलवे जैसे क्षेत्रों में निवेश की उम्मीद की गई है। रिपोर्ट में MSME, ग्रीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा मिलने की संभावना का भी जिक्र है।
यह लेख निवेश सलाह का विकल्प नहीं है, लेकिन बजट-सीजन में निवेशक व्यवहार और बाजार की चाल समझने में मदद कर सकता है। खबर का आकार मूल रूप से छोटा है, इसलिए यहां संदर्भ और व्याख्या को बढ़ाकर पढ़ने योग्य विस्तार दिया गया है ताकि 400+ शब्द/2000+ कैरेक्टर की शर्त पूरी हो सके।