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सोना $5,100 के पार: गणतंत्र दिवस पर वैश्विक उछाल, भारत में कीमतों पर असर और आगे की रणनीति

26 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने पहली बार $5,100/औंस का स्तर पार किया। इस उछाल के पीछे वैश्विक अनिश्चितता और सेफ-हेवन मांग जैसी वजहें बताई जा रही हैं। भारत में भी कीमतों पर असर दिखने की संभावना है, हालांकि गणतंत्र दिवस के कारण घरेलू बाजार बंद रहे।

दैनिक समाचार न्यूज़ डेस्क

26 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार $5,100 प्रति औंस के पार पहुंचने की खबर ने निवेशकों और उपभोक्ताओं—दोनों का ध्यान खींचा। रिपोर्ट के मुताबिक यह एक ऐतिहासिक छलांग है, जिसमें सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेज़ी दर्ज की गई। भारत में गणतंत्र दिवस अवकाश के कारण कई बाजार बंद रहे, लेकिन वैश्विक तेजी का असर घरेलू कीमतों और निवेश भावनाओं पर पड़ना तय माना जा रहा है। ([navbharattimes.indiatimes.com](https://navbharattimes.indiatimes.com/business/commodity/gold-futures-officially-rise-above-5100-dollar-per-ounce-know-price-in-india-on-26-january-2026/articleshow/127528629.cms?utm_source=openai))

सोना $5,100 के पार: गणतंत्र दिवस पर वैश्विक उछाल, भारत में कीमतों पर असर और आगे की रणनीति
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क्यों बढ़ीं कीमतें: सुरक्षित निवेश की तलाश

उछाल के पीछे प्रमुख कारण के तौर पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई को लेकर चिंता और भू-राजनीतिक तनाव जैसी बातों का उल्लेख किया गया है, जिनके चलते निवेशक सोने-चांदी को ‘सेफ-हेवन’ विकल्प के रूप में चुनते हैं। जब जोखिम बढ़ता है, तब इक्विटी/जोखिम वाली संपत्तियों से निकलकर पूंजी अक्सर बुलियन की ओर जाती है—यही ट्रेंड 2026 की शुरुआत में और अधिक स्पष्ट होता दिख रहा है। ([navbharattimes.indiatimes.com](https://navbharattimes.indiatimes.com/business/commodity/gold-futures-officially-rise-above-5100-dollar-per-ounce-know-price-in-india-on-26-january-2026/articleshow/127528629.cms?utm_source=openai))

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि 26 जनवरी के दिन (भारत में छुट्टी होने की वजह से) भारतीय कमोडिटी बाजार बंद थे, लेकिन वैश्विक कीमतों में उछाल जारी रहा। ऐसे में बाजार खुलने के बाद उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना पर भी चर्चा की गई—खासकर उन ट्रेडर्स के लिए जो ओवरनाइट ग्लोबल मूवमेंट को हेज/मैनेज करते हैं। ([m.economictimes.com](https://m.economictimes.com/markets/commodities/news/gold-hits-5000/oz-silver-jumps-8-how-should-traders-navigate-post-republic-day/articleshow/127530268.cms?utm_source=openai))

भारत के निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?

भारत में सोने की कीमतें वैश्विक रेट, रुपये की चाल, आयात लागत और स्थानीय मांग (जैसे शादी/त्योहार सीज़न) के मिश्रण से तय होती हैं। इसलिए यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी बनी रहती है, तो घरेलू बाजार में भी नए उच्च स्तर देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्टों में यह सवाल भी उठाया गया कि मौजूदा स्तर पर खरीदारी करनी चाहिए या नहीं—और बाजार जानकारों ने रणनीति, जोखिम क्षमता और समय-सीमा के हिसाब से निर्णय लेने की सलाह पर जोर दिया। ([navbharattimes.indiatimes.com](https://navbharattimes.indiatimes.com/business/commodity/gold-futures-officially-rise-above-5100-dollar-per-ounce-know-price-in-india-on-26-january-2026/articleshow/127528629.cms?utm_source=openai))

  • लघु अवधि के ट्रेडर्स के लिए: अवकाश के बाद खुलते ही वोलैटिलिटी बढ़ सकती है, इसलिए स्टॉप-लॉस/हेजिंग पर सख्ती जरूरी है।
  • दीर्घ अवधि के निवेशकों के लिए: चरणबद्ध खरीद (staggered buying) और पोर्टफोलियो अनुपात पर फोकस अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
  • ज्वैलरी खरीदारों के लिए: कीमतें ऊंची होने पर मेकिंग चार्ज/ऑफर्स और खरीद का समय कुल लागत पर बड़ा असर डाल सकता है।

कुल मिलाकर, 26 जनवरी 2026 का उछाल बुलियन मार्केट के लिए एक बड़ा संकेत बनकर उभरा—जहां कीमतें सिर्फ मांग से नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक जोखिम-परिस्थिति से भी संचालित होती दिख रही हैं। ([navbharattimes.indiatimes.com](https://navbharattimes.indiatimes.com/business/commodity/gold-futures-officially-rise-above-5100-dollar-per-ounce-know-price-in-india-on-26-january-2026/articleshow/127528629.cms?utm_source=openai))

स्रोत पुस्तिका

  1. Navbharat TimesNavbharat Times